Discover the Impact of Suprabha Orphanage Bengaluru Initiative- Bhandara and Balsanskar Program.

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March 23, 2024

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Bengaluru Ashram organized a Bhandara program in the Hongirana Seva Ashram, Ullal on 23.03.2024.

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आश्रम ट्रस्ट ने सुप्रभा अनाथाश्रम के बच्चों को भोजन कराया।

>बेंगलुरु: सबका मंगल सबका भला चाहने वाले पूज्य बापूजी की सत्प्रेरणा से संत आशारामजी आश्रम ट्रस्ट व उनके सेवाधारियों के सहयोग से गत शनिवार को उल्लाल उपनगर, बेंगलुरु में स्थित होंगिराना सेवा आश्रम द्वारा संचालित सुप्रभा अनाथाश्रम में बच्चों के लिए हरिनाम संकीर्तन कराते हुए, सुसंस्कारों का सिंचन (बालसंस्कार) के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। ट्रस्ट वालों ने बताया कि- सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों के जीवन उत्थान लाभार्थ हेतु संत आशारामजी आश्रम ट्रस्ट द्वारा ऐसे सेवाकार्य वर्षभर चलते रहते है।

पूज्य बापूजी अपने सत्संग में बताते है की- परोपकार अर्थात दूसरों का भला करना ही धर्म है। पर उपकार बचन मन काया। संत सहज सुभाउ खगराया॥ सत्य, दया- करुणा, क्षमा, धैर्य, स्वार्थ त्याग जैसे गुण विकसित होने पर ही आप परहित कर सकते हो। जिसने अपने पर उपकार नहीं किया ऐसा व्यक्ति पराएँ पर उपकार कर ही नहीं सकता, सभी में परोपकार करने की पात्रता नहीं होती है। जिनको अपना कोई स्वार्थ नहीं है और जो पूर्ण निष्काम है, वे ही परोपकार कर सकते है। रामचरित मानस में तो साफ- साफ कहा है- स्वारथ मीत सकल जग माहीं। सपनेहुँ प्रभु परमारथ नाहीं॥ सुर नर मुनि सब कै यह रीती। सेवाधारियों ने बताया कि- हमारी बेंगलुरु ट्रस्ट की ही तरह देशभर की समितियों व आश्रमों द्वारा भी वर्षभर दुर्गम ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों में भी जरूरतमंदों के बीच जाकर उन्हें गर्म भोजन के साथ मिठाई- फल आदि कई तरह की दैनिक उपयोग की राहत सामग्री वितरित की जाती है। भोजन- प्रसादी के साथ बालसंस्कार कार्यक्रम पा के बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठें।

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