पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से हुये, इस कार्यक्रम में माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिए। बच्चों ने अपने माता-पिता की अक्षत-पुष्प इत्यादि से पूजन कर उनकी प्रदक्षिणा की, मिठाई खिलाकर उनकी आरती उतारकर उनका आशीर्वाद पाया। बच्चों को पूजन करते देख माता-पिता का दिल भर आया। भावविभोर होकर माता- पिता ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया।
Zydus Cadila के सहायक शाखा प्रबंधक श्री गुरुराज डी ने भावविभोर कर देने वाले कार्यक्रम की खूब सराहना करते हुए कहा कि- “आज का यह कार्यक्रम मानव जाति के लिए वरदान है। एक ओर युवा वर्ग पाश्चात्य कल्चर में फंस कर अपने माता-पिता का अनादर करते है वहीं दूसरी ओर पूज्य बापूजी की प्रेरणा से पूरे देशभर में इस तरह का आयोजन युवा पीढ़ी को नई दिशा प्रदान करेगा और बच्चों के मन में माता-पिता के प्रति आदर भाव जगेगा।
श्रीमती नागलक्ष्मी प्रशांत ने कहा कि- “जो आदर करते हैं वो आदर्श बनते हैं। बड़ों का आशीर्वाद लेने से हमारे जीवन में उन्नति होती है क्योंकि सकारात्मक ऊर्जा आशीर्वाद के रूप में प्रवेश करती है जिससें हमारा आध्यत्मिक- मानसिक विकास होता हैं।
>श्री बी आर प्रकाश (संगीत शिक्षक) के मार्गदर्शन में शास्त्रीय संगीत सीखने वाले कन्नड़ भाषीय विद्यार्थियों ने पूजन के उपरांत भक्तिमय भजन-श्लोक प्रस्तुत कियें। उपस्थित सभी लोगो ने कार्यक्रम की खूब-खूब सराहना की, आश्रम द्वारा अवगत कराया गया की- पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से पिछले 16 वर्षों से देश-विदेशों में 14 फ़रवरी को एक नए पर्व के रूप में मातृ-पितृ पूजन मना रहे हैं, जिसकी देश भर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित केंद्रीय मंत्रीयों, राज्यों के राज्यपालो, मुख्यमंत्रियों, शिक्षामंत्रियों ने अपना अमूल्य संदेश भेज कर पूज्य बापूजी के इस अभियान की खूब सराहना की है।