News of 60th Self Realization Day of our Pujya Bapuji.

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October 6, 2024

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Sant Shri Asharamji Bapu has guided many by encouraging them towards आत्मसाक्षात्कार, Ultimate goal of human life. Millions have undergone transformative experiences by attending enlightening Satsangs. His followers are celebrating #60thSelfRealizationDay.

bharat 8 10 24
On Sunday Saptami (17)

संत श्री आशारामजी बापू का आत्म साक्षात्कार दिवस मनाया गया- बेंगलुरु आश्रम में..

मनुष्य जीवन का असली उद्देश्य आत्मसाक्षात्कार अर्थात परमात्मतत्व का ज्ञान प्राप्ति ही है।

>बेंगलुरु: हर वर्ष की ही भांति इस वर्ष भी संत आशारामजी बापू का 60वां आत्म साक्षात्कार दिवस, बनशंकरी सेकंड स्टेज स्थित बेंगलुरु आश्रम में धूमधाम से मनाया गया। पूज्य बापूजी ने बताया कि- आज के ही दिन उन्होंने अपने सदगुरु साँई लीलाशाहजी महाराज की कृपा से सबको सत्ता- स्फूर्ति देने वाले परमात्मतत्व का ज्ञान पाया था। मनुष्य जीवन का असली उद्देश्य आत्मसाक्षात्कार अर्थात परमात्मतत्व का ज्ञान प्राप्ति ही है। अनादि काल से गुरु- शिष्य परम्परा के माध्यम से यही ज्ञान समाज में बँटता रहा है और समाज को सुख-शांति, आनंद से तृप्त करता रहा है।

यह परब्रह्म परमात्मा जो करोड़ों- अरबों के अन्तःकरणों में, दिलों में, सत्ता- स्फूर्ति- चेतना देता है, जो सब यज्ञ और तप के फल का भोक्ता है और ईश्वरों का ईश्वर है, उस परमेश्वर के साथ एकाकार होने का नाम है- आत्म साक्षात्कार। यह आत्मज्ञान मानव जीवन की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है। भगवान का दर्शन अर्जुन को, हनुमानजी को भी हुआ था लेकिन अर्जुन और हनुमानजी को जब तक आत्मसाक्षात्कार नहीं हुआ था, तब तक उनकी यात्रा अधूरी थी। कृष्ण तत्व के साक्षात्कार के बिना अर्जुन विमोहित हो रहे थे। जब श्री कृष्ण ने उपदेश दिया, तब अर्जुन को आत्मसाक्षात्कार हुआ, फिर अर्जुन कहते हैं- नष्टो मोह: स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युते...

आश्रम संचालक दीपक नायक ने बताया की- संत श्री आशारामजी बापू के आत्मसाक्षात्कार दिवस पर आश्रम परिसर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसकी शुरूआत दोपहर 1 बजे के पूज्य बापूजी के उत्तम स्वास्थ्य हेतु महामृत्युंजय मन्त्र की व जल्द रिहाई के निमित्त ससंकल्प हवन से हुई। उसके बाद गुरु प्रार्थना, भावपूर्वक गुरुदेव का मानस पूजन व पादुका पूजन तथा पूज्यश्री की जीवनलीला, साधना, परिव्रज्या और आत्मसाक्षात्कार को दर्शानें वाले श्री आशारामायणजी का सामूहिक पाठ किया गया। पूज्य बापूजी के 60वें आत्म साक्षात्कार की घड़ी दोपहर 2:30 बजे से आश्रम के सत्संग हॉल में 60दीप प्रज्वलित किए गयें। दीप प्रज्जवलन के बाद पूर्णाहुति की मंगल आरती व भंडारे का आयोजन हुआ।

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