Ayudha Pooja-2023 organized at Bengaluru Ashram.

Ayudha Pooja-2023 organized at Bengaluru Ashram.

October 23, 2023

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23.10.2023: #AyudhaPooja organized at #AshramBlr. ஆயுத பூஜை ആയുധ പൂജ ಆಯುಧ ಪೂಜೆ #ನವರಾತ್ರಿ ಹಬ್ಬದ ಒಂದು ಭಾಗವಾಗಿದೆ. ಇದೊಂದು ಹಿಂದೂ ಹಬ್ಬವಾಗಿದ್ದು, ಇದನ್ನು ಸಾಂಪ್ರದಾಯಿಕವಾಗಿ ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಆಚರಿಸಲಾಗುತ್ತದೆ. ಇದನ್ನು ಅಸ್ಟ್ರಾ ಪೂಜಾ ಎಂದೂ ಕರೆಯುತ್ತಾರೆ.

◆ https://ashramblr.org/a/ayudha-puja-2023-at-bengaluru-ashram-28301598

Ayudh Pooja

संत श्री आशारामजी आश्रम, बेंगलुरु में मनाया गया- आयुध पूजा

बेंगलूरू ।आयुध पूजा वह दिन है- जिसमें हम शस्त्रों को पूजते हैं और उनके प्रति कृतज्ञ होते हैं. क्योंकि इनका हमारे जीवन में बहुत महत्व है। इस दिन क्षत्रिय अपने शस्त्रों की, शिल्पकार अपने उपकरणों की पूजा करते हैं, कला से जुड़े लोग अपने यंत्रों की पूजा करते हैं। दक्षिण भारत में इस दिन सरस्वती पूजा होती है।

>संत श्री आशारामजी आश्रम, बेंगलुरु में महानवमी पर आयुध पूजा हेतु सुबह से ही अस्त्र- शस्त्र, यंत्र और उपकरणों के पूजन हेतु उनकी सफ़ाई की गई। शस्त्र पूजा व वाहन पूजा में सभी छोटी-छोटी चीज़ें जैसे पिन, चाकू, कैंची, वाद्य यंत्र, हथकल से लेकर बड़ी मशीनें, गाड़ियां, कार- बाइक आदि सभी की अक्षत- कुमकुम, नैवेद्य इत्यादि द्वारा आरती पूजा की गई।

नवरात्रि में मनाई जाने वाली इस आयुध पूजा हेतु मान्यता है कि- महिषासुर जैसे शक्तिशाली राक्षस को हराने के लिए देवों को अपनी समूची शक्तियां एक साथ लानी पड़ी। अपनी दसों भुजाओं में हथियार के साथ मां दुर्गा प्रकट हुईं। लगातार नौ दिन के युद्ध के बाद, दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। सभी शस्‍त्रों के प्रयोग का उद्देश्‍य पूरा हो जाने के बाद उनका सम्‍मान करने का समय था। उन्‍हें देवताओं को वापस लौटना भी था, इसलिए सभी हथियारों की साफ-सफाई के बाद पूजा की गई, फिर उन्‍हें लौटाया गया। इसी की याद में आयुध पूजा की जाती है। दशहरा से पहले आयुध पूजा में शस्त्र, यंत्र और उपकरणों का पूजन करने से हर कार्य में सफलता मिलती है। प्राचीन काल में क्षत्रिय युद्ध पर जाने के लिए दशहरा का दिन चुनते थे, ताकि विजय का वरदान मिले। इसके अलावा पौराणिक काल में ब्राह्मण भी दशहरा के ही दिन विद्या ग्रहण करने के लिए अपने घर से निकलते थे और व्यापारी वर्ग भी दशहरा के दिन ही अपने व्यापार की शुरुआत करना अच्छा मानते थे। यही वजह है कि दशहरे से पहले आयुध पूजा बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Ayudh Pooja

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