Ashram Bengaluru is continuing its tradition of compassion with a free meal distribution event.

Ashram Bengaluru is continuing its tradition of compassion with a free meal distribution event.

October 13, 2024

Share:

This belongs in your group chat. You know which one!

In celebration of the teachings of Sant Shri Asharamji Bapu, #Ashram #Trust, #Bengaluru upholds its tradition of compassion with a free meal distribution drive at Sri Sai an old age home in K R Road, #Bangalore on Oct. 13th, 2024.

On Sunday Saptami (20)

संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, बेंगलुरु द्वारा वृद्धाश्रम में भोजन वितरण का कार्यक्रम हुआ।

ट्रस्ट द्वारा वृद्धाश्रम का पूरा ब्यौरा लिया गया।

बेंगलुरु: किसी भी व्यक्ति का वही सपना होता है कि- जब वह बुजुर्ग हो बूढा हो तो उस वक्त उसके अपने साथ हों। लेकिन बहुत से ऐसे बुजुर्ग होते हैं जिनको यह खुशी नहीं मिल पाती । उनको उनकी अपनी ही संतान अपनाने से इंकार कर देती है और उनको वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं। दुखी मन से ही सही लेकिन जो बुजुर्ग हैं वह अपनी बाकी की जिंदगी वृद्धाश्रम में बिताते हैं। लेकिन यह एक पहलू है कि किस प्रकार की जिंदगी वृद्धाश्रम में होती है। कैसे बुजुर्ग लोग अपनी जिंदगी गुजारते हैं? क्या उनको सही समय पर खाना मिलता है? क्या उनको सही तरीके से दवाइयां और बाकी देखभाल की जाती है? इन सब पहलुओं को ध्यान रखते हुए ट्रस्ट द्वारा वृद्धाश्रम का पूरा ब्यौरा लिया गया तत्पश्चात संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, बेंगलुरु की ओर से गत पापाकुंशा एकादशी के त्रिस्पर्शा योग के अवसर पर श्री साईं वृद्धाश्रम, बनशंकरी में ट्रस्ट द्वारा एक पहल के रूप में भोजन-प्रसाद वितरण के कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया, साथ ही पूज्य श्री के दिव्य वाणी से परिपूर्ण सत्साहित्य का वितरण भी किया गया। पूज्य बापूजी बताते है की- ऐसा त्रिस्पर्शा योग वाला संयोग अतिदुर्लभ है इसलिए इस दिन किये गये पूजा-पाठ-दान का पुण्य अश्वमेघ यज्ञ के पुण्य के बराबर होता है। इस कार्यक्रम के तहत करीब 50वयो- वृद्धजनों को ट्रस्ट की तरफ से निःशुल्क भोजन कराया गया।

On Sunday Saptami (20)

Did this article spark something in you? Share it forward and spread the impact!

Positive ideas grow stronger when shared. If this piece resonated with you, take a moment to spread it—it could be the spark someone else is waiting for.