मनुकुला अनाथाश्रम में आयोजित हुआ- आध्यात्म जागरण शिविर
मनः शांति के लिए दीर्घ ओंकार का जप करें..
बेंगलुरु: संत श्री आशारामजी बापू आश्रम ट्रस्ट की तरफ़ से मनुकुला अनाथाश्रम, उल्लाल उपनगर में अंध युवाओं व बच्चों के आध्यत्मिक जागरण व सनातन संस्कार के सिंचन हेतु एक दिवसीय- आध्यात्म जागरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आश्रम ट्रस्ट के अनुभवी सेवाधारियों के मार्गदर्शन में करवाया गया। इस शिविर में बच्चों को अपने भविष्य को संस्कारित- उज्जवल बनाने की शिक्षा दी गई, ताकि वो दैविक और भौतिक सफलता प्राप्त कर सकें। साथ ही साथ राष्ट्र-समाज की प्रगति में अपना योगदान दे सकें। बबीता दीदी ने प्रार्थना- गुरु वंदना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया। आध्यत्मिक जागरण हेतु दीर्घ ओंकार के जप का महत्व बताते हुयें मंत्र- जप करना सिखायें, उसके अलावा उन्होंने बच्चों को कुछ यौगिक क्रियाएं, सूर्य नमस्कार, त्राटक भी बतायें। उन्होंने बताया कि त्राटक करने से एकाग्रता बढ़ती है और एकाग्रता ही सर्व सफलता की कुंजी है। बच्चों को त्रिकाल संध्या, सूर्य देव को अर्घ्य देना, जप- नियम- प्राणायाम और योगासन सिखाए गए। संस्कार सिंचन के वक्ता- दिवाकर मस्किकरजी ने कई कहानियों के माध्यम से सनातन का महत्व समझायें। भजन- कीर्तन के प्रवाह से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया, अंत में ट्रस्ट द्वारा अनाथाश्रम के सभी बच्चों को मंगल आरती के पश्चात भोजन- प्रसाद करवाया गया। बेंगलुरु आश्रम संचालक दीपक नायक ने बताया की- हमारे संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट की तरफ से बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे शिविर देशभर में करवाए जाते हैं।