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Mahila Utthan Mandal, #Bangalore at #Bengaluru #Ashram hosted a Haldi-Kumkum event on 08.09.24. This tradition symbolizes eternal prosperity and fosters connections among women, enhancing cultural practices and inspiring new ideas and energy.

बेंगलुरु आश्रम में महिला मंडल द्वारा हल्दी- कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
ऋषि पंचमी पर्व पर महिलाओं ने पूज्य बापूजी से की- 'सुख- सौभाग्य की कामना'
बेंगलुरु: महिला उत्थान मंडल द्वारा स्थानीय संत श्री आशारामजी आश्रम, बेंगलुरु में गत रविवार- ऋषि पंचमी पर्व पर हल्दी- कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन की कई महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर श्रीमती बबीता विट्ठलराव ने कहा कि- हम सबको मिलकर महिला संगठन को मजबूती प्रदान करना है, वहीं भारतीय संस्कृति को बचाए रखना है। जिससे हम सनातनियों का सम्मान बरकरार रहे। इस अवसर पर समिति कार्यकर्त्ता- कांता रानी ने कहा कि- इस भौगिक युग में भारतीय संस्कृति की परंपराओं को हम भूलते जा रहे हैं, जिन्हें हमें महिला संगठन के माध्यम से बनाए रखना है। गुरु वंदना से इस कार्यक्रम की शुरुवात हुई, सभी महिलाओं को हल्दी-कुमकुम लगाकर उपहार स्वरूप श्रृंगार सामग्री, अन्य उपहार देकर सुख- सौभाग्य की कामना की गई। इस दौरान श्रीमती प्रीति यादव एवं श्रीमती शीतल देशमुख ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
>महिला युवा वाहिनी संगठन से श्रीमती रूपल आर्य ने कहा कि- हल्दी-कुमकुम सनातनी संस्कृति में अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। हल्दी-कुमकुम से सौभाग्य में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को परंपरा निभाने के साथ ही एक- दूसरे को जानने और समझने का मौका भी मिलता है। मेलजोल बढ़ने से नए विचारों का आदान- प्रदान बढ़ता है।
महिला मंडल, बेंगलुरु की ओर से श्रीमती आरती भटीजा ने कहा की- पिछले 6 माह में महिला संगठन में नई शक्ति का संचार हुआ है। वहीं देखा जा रहा है कि संगठन के पदाधिकारी द्वारा नए-नए उन लोगों को जोड़ा जा रहा है, जो बहुत पीछे रह गए थे। अंत में महिला युवा वाहिनी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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