Heartfelt glimpses from the Spiritual Awakening and Meal Distribution program organized by Bengaluru Ashram Trust on 16.05.2026 at Gandhi Old Age Home, Magadi Road, Bangalore.
बेंगलुरु के संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट द्वारा वृद्धाश्रम में भोजन वितरण का कार्यक्रम हुआ।
आश्रम ट्रस्ट द्वारा वृद्धाश्रम का पूरा ब्यौरा लिया गया।
बेंगलुरुः किसी भी व्यक्ति का वही सपना होता है कि- जब वह बुजुर्ग हो बूढा हो तो उस वक्त उसके अपने साथ हों। लेकिन बहुत से ऐसे बुजुर्ग होते हैं जिनको यह खुशी नहीं मिल पाती। उनको उनकी अपनी ही संतान अपनाने से इंकार कर देती है और उनको वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं। दुखी मन से ही सही, लेकिन जो बुजुर्ग हैं, वे अपनी बाकी की जिंदगी वृद्धाश्रम में बिताते हैं। लेकिन यह एक पहलू है कि किस प्रकार की जिंदगी वृद्धाश्रम में होती है। कैसे बुजुर्ग लोग अपनी जिंदगी गुजारते हैं? क्या उनको सही समय पर खाना मिलता है? क्या उनको सही तरीके से दवाइयां और बाकी देखभाल की जाती है। इन सब पहलुओं को ध्यान रखते हुए संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट के प्रतिनिधि व बेंगलुरु आश्रम संचालक दीपक नायक द्वारा गाँधी ओल्ड ऐज होम, मागडी रोड (वृद्धाश्रम) का पूरा ब्यौरा लिया गया तत्पश्चात ट्रस्ट द्वारा 16 मई (शनि अमावस्या पर) एक पहल के रूप में जीवन विकास (आध्यात्म जागरण शिविर) व भोजन-प्रसाद वितरण के कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया, साथ ही पूज्य श्री के दिव्य वाणी से परिपूर्ण सत्साहित्य का वितरण भी किया गया। शिविर में वयोवृद्ध जनों को जीवनोपयोगी कुंजियाँ, योग- प्राणायाम के साथ खुश व स्वस्थ रहने के नुस्खें बताएं गये। मनःशांति- चित्त शांति के लिए भजन-कीर्तन का अभ्यास कराया गया, कार्यक्रम के अंत में मंगल आरती में तालियों के साथ जयकारा जयघोष भी लगायें गये। कार्यक्रम की पूर्णाहुति पर ट्रस्ट द्वारा लगभग 150 वयोवृद्ध जनों को भोजन कराया गया। जिसमें लब नाहक, विवेक दूबे, मनिका दूबे, स्वर्णिमा पाण्डेय, ज्योति साहू, कांता रानी और बबीता उत्तरकर आदि मुख्य सेवादार रहें।