संत श्री आशारामजी आश्रम, बेंगलुरु में हर्षोल्लास से मनाया गया- श्री कृष्ण जन्मोत्सव
बेंगलुरु: भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव- जन्माष्टमी, अर्थात श्री कृष्ण जन्मोत्सव, संत श्री आशारामजी आश्रम, बेंगलुरु में पूरे हर्षोल्लास से मनाया गया। आश्रम में बच्चों के लिए- मटकी फोड़ कार्यक्रम, सांस्कृतिक वस्त्र परिधान प्रतियोगिता, भजन प्रतियोगिता व सामूहिक सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ, नन्द घर आनंद भयो के भजन सत्संग पंडाल गूंज उठा । कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को आश्रम की तरफ़ से पुरुष्कृत किया गया तत्पश्चात पूर्णाहुति पर मंगल आरती की गई। पूज्य बापूजी अपने सत्संग में बताते हैं की- पुराणों के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण विष्णु जी के अवतार हैं। कहा जाता है कि- कंस के अत्याचारों को समाप्त करने के लिए विष्णु जी ने कृष्ण के रूप में जन्म लिए थे। जो जन्माष्टमी व्रत करते हैं, उन्हें करोड़ों एकादशियों को रखने समान पुण्य प्राप्त होता है और जीवन से रोग, शोक दूर होने लगते हैं। जन्माष्टमी पर किया हुआ जप- तप अंनत गुना फलदाई होता है, इस पर्व पर रातभर जागरण करने का भी विधान है। जन्माष्टमी का व्रत रखकर क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जप करने से जप का अनंत गुणा फल मिलता है।