संत आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, बेंगलुरु द्वारा पर्यावरण सुरक्षा हेतु हुआ- तुलसी पूजन दिवस
बेंगलुरु: संत आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, बेंगलुरु के तत्वाधान में 25 दिसम्बर (सोमवार) को पर्यावरण सुरक्षा परियोजना के तहत गंगाम्मा गुडी, जलाहल्ली में सामूहिक तुलसी पूजन दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी को तुलसी की औषधीय, सामाजिक- सांस्कृतिक महत्ता बताकर तुलसी के पौधे, तुलसी महिमा पुस्तक व ऋषि प्रसाद पत्रिका (पर्यावरण सुरक्षा- तुलसी महिमा विशेषांक) की कन्नड़ प्रति का वितरण किया गया। विश्व शांति होम के पश्चात् श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से तुलसी माता को विधिवत तिलक लगाकर, अक्षत चढ़ाकर, आरती- पूजन व पुष्पवर्षा कर परिक्रमा की। इस मौके पर ट्रस्ट की तरफ़ से भंडारे का भी आयोजन किया गया। पूज्य बापूजी द्वारा दिए सत्संगामृत में आता है कि- जिस घर मे तुलसी का पौधा होता है, उस घर मे मेली आत्माएं अर्थात प्रेत, पिशाच, ब्रह्मराक्षस, भूत प्रवेश नहीं करती है। तुलसी की गंध को लेकर वायु जिस दिशा में जाती है वह दिशा तथा वहाँ रहने वाले प्राणी पवित्र व दोष रहित हो जाते है। तुलसी की स्पर्शित वायु से मलेरिया के कीटाणुओं का नाश होता है। तुलसी में एक विशिष्ट क्षार होता है जो दुर्गन्ध को दूर करता है। तुलसी पूजन से बुद्धिबल- मनोबल-चरित्रबल व आरोग्यबल बढ़ता है। पाश्चात्य संस्कृति के दुष्प्रभाव से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए, प्रत्येक जनमानस को ऐसी महिमामयी तुलसी का सम्पूर्ण लाभ मिले और देश में सुख- सौहार्द, स्वास्थ्य व शांति की वृद्धि होकर जन- समाज का जीवन मंगलमय हो, इस लोक हितकारी उद्देश्य से संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से वर्ष 2014 से 25 दिसम्बर के दिन तुलसी पूजन दिवस मनाने का शुभारंभ हुआ, तब से देशभर में प्रतिवर्ष यह दिवस विद्यालयों, महाविद्यालयों, मंदिरों, सोसायटियों, बाल संस्कार केन्द्रों तथा धार्मिक स्थलों में सामूहिक रूप से मनाया जाता है।