बेंगलुरु आश्रम में भी मनाया गया, किसानों का फेस्टिवल- ओणम
बेंगलुरु: भारत में तरह- तरह के धर्म के लोग रहते है, ये हम सभी जानते है। यहाँ सभी धर्मों के अपने- अपने त्यौहार है। कुछ त्यौहार तो देश के हर कोने में मनाते है, तो कुछ किसी विशेष क्षेत्र या राज्य में मनाये जाते है। ओणम वामन और राजा महाबली का स्मरण कराता है। हिंदू किंवदंतियों के अनुसार, ओणम केरल में एक पौराणिक दैत्य राजा महाबली की लोकप्रियता और उनकी शक्ति- सुशासन की याद में मनाया जाता है। संत श्री आशारामजी आश्रम, बेंगलुरु में भी ओणम पर्व पर फूलों की पंखुड़ियों से सुन्दर सी रंगोलिया बनाई गई। कलश- फूल- पत्र द्वारा विधिवत पूजा की, पूज्य श्री की जल्द रिहाई व उत्तम स्वास्थ्य हेतु आश्रम में महामृत्युंजय मंत्र का यज्ञ- होम व क्रमशः सत्संग का भी आयोजन हुआ। अंत में मंगल आरती पश्चात आश्रम में आयें हुए सभी भक्तजनों को ओणम का प्रसाद भी आश्रम की तरफ़ से दिया गया।
>भारत के मुख्य त्योहारों की बात करें, तो- दीवाली, होली, ईद, बैसाखी, क्रिसमस, दुर्गा पूजा आदि है। दीवाली की बात की जाये तो ये देश का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है, मुख्यरूप से उत्तरी भारत का तो ये बहुत बड़ा त्यौहार है, इसी तरह कोलकाता में दुर्गा पूजा, पंजाब में बैसाखी मुख्य है। किसी राज्य विशेष के त्योहारों की बात करें, तो दक्षिण भारत के केरल में ओणम त्यौहार उत्तरी भारत के दीवाली जितना ही महत्वपूर्ण है। ओणम मुख्य रूप से केरल राज्य में मनाने के कारण एक मलयाली त्यौहार है, जो की किसानों का फेस्टिवल है। जो न केवल अब बड़े ही धूमधाम से हिन्दू धर्म प्रेमियों के द्वारा वरन वर्तमान में सभी दक्षिण प्रांतीय जनता द्वारा मनाया जाता है।