युवा समिति सचिव प्रशांत भाई ने बताया- "जीवन में उत्तम संग, सत्साहित्य का अध्ययन, निष्काम कर्मयोग तथा महापुरुषों का मार्गदर्शन हो तो हमारे लिए अपना लक्ष्य प्राप्त करना आसान हो जाता है परंतु आज के कंप्यूटर एवं विज्ञान युग में दौड़ भाग का स्पर्धात्मक जीवन जीने वाले युवकों को ये चारों चीजें इकट्ठी प्राप्त होना बड़ा ही दुर्लभ संयोग होगा। युवकों के लिए यह दुर्लभ संयोग सुलभ बनाने हेतु परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से देश-विदेश में 'युवा सेवा संघ' का गठन किया जा रहा है। जागरूक व जिज्ञासु युवा जगत को इन युवा संघों के उद्देश्य, विशेषताएँ तथा सेवाप्रणाली के विषय में विस्तृत मार्गदर्शन देने हेतु यह तेजस्वी युवा शिविर का आयोजन किया गया है।"
युवा समिति अध्यक्ष विवेक भाई ने बताया- बेंगलुरु में आयोजित युवा संघ का उद्देश्य~ ● युवाओं के जीवन में एक सच्चे हितैषी एवं उत्तम मार्गदर्शक मित्र की भूमिका निभाना।
●संयम, सदाचार, चारित्र्यसम्पन्नता, परोपकार, निर्भयता, आत्मविश्वास आदि दैवी गुणों का युवाओं में विकास करना।
●युवाओं को आश्रम द्वारा संचालित विभिन्न सेवाकार्यों में जोड़कर राष्ट्रोन्नति के कार्य में सक्रिय योगदान देना।
●युवाओं को परिवार, समाज एवं राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाना।
●भारतीय संस्कृति के सिद्धान्तों का अध्ययन करने के बाद उनकी वैज्ञानिकता व तर्कसम्मतता को देखकर आधुनिक वैज्ञानिक भी आश्चर्यचकित हो रहे हैं। ऐसी महामयी भारतीय संस्कृति को समझने-समझाने में तथा उसके प्रचार-प्रसार में सहयोगी बनना।
●'युवा सेवा संघ' के माध्यम से निष्काम सेवा करते हुए मनुष्य जीवन के परम लक्ष्य ईश्वरप्राप्ति की ओर अग्रसर होना है।