23.12.22- बेंगलुरु: नर-नारायण सेवा के तहत संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, बेंगलुरु की ओर से शुक्रवार (23 दिसम्बर) को अमावस्या के निमित्त किदवई हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के लिए भोजन-प्रसाद वितरण के कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत करीब 200+ असहाय मरीजों को ट्रस्ट की तरफ से निःशुल्क भोजन कराया गया।
पूज्य बापूजी अपने सत्संग में बताते हैं की- अमावस्या के दिन पितृ भूलोक (पृथ्वी) पर आते हैं। अतः इस दिन उनके निमित्त सेवा तथा पूजन करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इस दिन घर में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करवाना चाहिए। इसके साथ ही घर में नाना प्रकार के दोषों की शांति के लिए हवन भी करवाना चाहिए। इससे घर की समस्त नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है और भूत-प्रेत आदि शक्तियों से मुक्ति मिलती है। इस प्रकार उनका आशीर्वाद लेकर सौभाग्य पाया जा सकता है। ऐसा करने से पितरों की अतृप्त आत्मा संतुष्ट होकर खुशहाली का वरदान देती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन निशक्त व असहायजनों के अलावा गरीब बस्तियों में जाकर भोजन वितरण करना चाहिए। इसी प्रकार गौमाता को रोटी, गुड़, चापड़, खल, दलिया खिलाना चाहिए, श्वान को रोटी व दूध पिलाना, मछली को आटा व पक्षियों को दाना चुगाना चाहिए।
किडवई हॉस्पिटल के डायरेक्टर- डॉ. वी. लोकेश ने अपने हाथों से भोजन परोसते हुए, संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, बेंगलुरु के युवाओं की इस पहल की सराहना की व ट्रस्ट को लिखित में आभार पत्र भी दिया।